Thursday, 8 November 2012


Kasam Maa Bharati teri Kasam
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Chahe ho jaye Sir Kalam......
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Par Tirange ko na Jhukne denge hum..........



Jai Hind

Wednesday, 7 November 2012

A lady Soldier(Indian)

You can tell her by the twinkle in her eye,
At parades when the flag marches by.
She served our country and she served it very well
Some have even served a tour or two in Hell.
She suffered hardship and never ceased to care.

It gave us strength just to know that she was there.

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She was a leader, you could tell by the rank she wore,

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But she became the invisible soldier after the war.

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Now, it is finally time to right a wrong.

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Honor our sister soldier; hear her song.

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It's very clear that she's a patriot to the core.

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Don't let her be the invisible soldier anymore.


Jai Hind

A Soldier Poem



If I die in war zone,

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Box me up and send me home.

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Put my medals on my chest,

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Tell my mum I did my best.

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Tell my dad not to bow , He won't get tension from me now.

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Tell my brother to study perfectly , Keys of my bike will be his permanently.

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Tell my sister not to be upset , Her bro will not raise after the sunset.

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And tell my love not to cry ,

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Cause I'm a soldier, born to die..!! 



A Soldier Poem

TO desh aage kaise badhe


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जब नहाने के बाद deo
लगाना जरुरी और
भगवान के सामने सर
झुकना boringलगे
तो देश आगे कैसे बढे
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जब dirty picture को नैशनल
अवार्ड मिले और
पान सिंह तोमर फ्लॉपरहे
तो देश आगे कैसे बढे
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जब राजेश खन्ना के मृत्यु पर
मीडिया विधवा अलाप करे
और
क्रांतिकारियों के शहादत दिवस
परएक दीपक भी न जले
तो देश आगे कैसे बढे
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जब देश का युवा malls में जेबकटवाए
और
बाहर ठेले पे मोलभावकरे
तो देश आगे कैसे बढे
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जब युवाओं को हिंदी बोलने में घीनऔर
देश
का प्रधानमन्त्री अंग्रेजीको सर्वश्रेष्ठ
भाषा कहे
तो देश आगे कैसे बढे
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गर्लफ्रेंड के लिए कविताएं
लिखनेवाला युवा
अगर देश की स्थिति पे मौन रहे
तो देश आगे कैसे बढे
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अनगिनत ग्रंथो के बाद भी अगर
हिंदू चरित्र पतन करे
तो देश आगे कैसे बढे
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धर्म निरपेक्षता के नाम पर
किसी को ठगा जाए और
हम शांत रहे
तो देश आगे कैसे बढे
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इन लाइनों को पढकर कुछ एहसास
हो और
फिर भी युवा कुछ न करे
तो देश आगे कैसे बढे????

Tuesday, 6 November 2012

A small poem

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है ।

एक से करता नहीं क्यों दूसरा कुछ बातचीत,
देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफिल में है ।

रहबरे-राहे-मोहब्बत रह न जाना राह में
लज्जते-सेहरा-नवर्दी दूरि-ए मंजिल में है ।

यूँ खड़ा मकतल में कातिल कह रहा है बार-बार
क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है?

ऐ शहीदे-मुल्को-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार
अब तेरी हिम्मत का चर्चा ग़ैर की महफिल में है ।

वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ,
हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है ।

खींच कर लाई है सबको कत्ल होने की उम्मींद,
आशिकों का आज जमघट कूंच-ए-कातिल में है ।

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है ।

है लिये हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर
और हम तैय्यार हैं सीना लिये अपना इधर

खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हाथ जिनमें हो जुनून कटते नहीं तलवार से
सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से

और भडकेगा जो शोला-सा हमारे दिल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हम तो निकले ही थे घर से बांधकर सर पे कफ़न
जाँ हथेली पर लिये लो बढ चले हैं ये कदम

जिंदगी तो अपनी मेहमाँ मौत की महफ़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

दिल मे तूफानों की टोली और नसों में इन्कलाब
होश दुश्मन के उडा देंगे हमें रोको न आज

दूर रह पाये जो हमसे दम कहाँ मंजिल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

Terrorism

If Kasab dies of Dengue,

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I will switch off all my ALLOUT's fora week as a token of respect toMosquitos !

Because I hate the terrorism and the terrorists.

Hey I made this blog for those freedom fighters who live and die for the FREEDOM.
Many of them are:-
BHAGAT SINGH
SUKHDEV
RAJGURU
SUBASH CHANDRA BOSE
CHANDRESHEKHAR AZAD

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